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लक्षद्वीप और अंडमान निकोबार द्वीप समूह के बीच में क्या प्रमुख अंतर है |
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Answer» Explanation: लक्षद्वीप समूह अरब सागर में स्थित द्वीपसमूहों अर्थात लक्षद्वीप का निर्माण प्रवाल संरचना से हुआ है, जोकि 8°उ.-12°उ. अक्षांश और 71°पू.-74°पू. देशांतर के मधी विस्तृत हैं| इन द्वीपों की संख्या 36 है, जिनमें से केवल 11 द्वीपों पर मानवीय अधिवास पाया जाता है| ये द्वीप केरल के तट से 280-480 किमी. पूर्व में स्थित हैं| लक्षद्वीप समूह को दो भागों में बाँटा जाता है: उत्तर में अमीनीदीवी व कन्नानोर द्वीप समूह दक्षिण में मिनीकॉय द्वीप अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह बंगाल की खाड़ी या अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में लगभग 572 द्वीप स्थित हैं, जिनमें से अधिकांश 6°उ.-14°उ. अक्षांश और 92°पू.-94°पू. देशांतर के मध्य स्थित हैं| इन द्वीपों को दो भागों में बाँटा जाता है: 1. उत्तर में अंडमान द्वीपसमूह 2. दक्षिण में निकोबार द्वीपसमूह ये दोनों द्वीपसमूह 100 चैनल द्वारा एक-दूसरे से अलग होते हैं| अंडमान द्वीपसमूह में स्थित प्रमुख द्वीपों का उत्तर से दक्षिण क्रम इस प्रकार है: उत्तरी अंडमान मिडिल/मध्य अंडमान दक्षिणी अंडमान लिटिल अंडमान निकोबार द्वीपसमूह में स्थित प्रमुख द्वीपों का उत्तर से दक्षिण क्रम इस प्रकार है: कार निकोबार लिटिल निकोबार ग्रेट निकोबार ऐसा माना जाता है कि इन द्वीपसमूहों का निर्माण सागर के जल में डूबी पर्वतीय चोटियों के जल के ऊपर आने से हुआ है| इनमें से कुछ छोटे द्वीपों की उत्पत्ति ज्वालामुखी क्रिया से हुई है| भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी ‘बैरन द्वीप’ निकोबार द्वीप समूह में ही स्थित है| अंडमान और निकोबार भारत का एक संघशासित/केंद्रशासित प्रदेश है, जिसकी राजधानी साउथ अंडमान में स्थित ‘पोर्ट ब्लेयर’ है, जोकि भारत के प्रमुख पत्तनों में से एक हैं|इस द्वीपसमूह में भूमध्यरेखीय या विषुवतीय प्रकार की जलवायु व वनस्पति पायी जाती है और संवहनीय वर्षा होती है| सघन सदाबहार वन, प्रकृतिक सुंदरता और जनजातीय जनसंख्या व संस्कृति यहाँ की पहचान है| वर्तमान में यह भारत के एक प्रमुख पर्यटन केंन्द्र के रूप में विकसित हो चुका है| अंडमान और निकोबार ‘कोको चैनल’ के माध्यम से म्यांमार से और ‘ग्रेट चैनल’ के माध्यम से इंडोनेशिया से अलग होता है| please MARK me as brainliest |
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