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लिखिए-र चोट खाने कीपरिणति→अंधेरा होने पर भी आस रखने की→एक ही दीप से सफर आरंभ करने की​

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ANSWER:

→अंधेरा होने पर भी आस रखने की = जीवन में अंधेरा होने के बाद हमें दुखी नहीं होना चाहिए , क्योंकि रात के बाद ही सवेरा आता है | हर दुःख के बाद सुख हमेशा आता है , इसलिए हमें हिम्मत रख कर मुश्किलों का हल निकालना चाहिए और आगे बढ़ना चाहिए |

→एक ही दीप से सफर आरंभ करने की​=  यदि हमारे जीवन में सभी आशाएं खत्म हो जाए और हम हिम्मत खो दे इसके लिए हमें सर एक छोटी सी आशा का भी सहारा हो तो हमें सफर फिर से आरंभ करना चाहिए |  कहते है ना डूबते को तिनके का सहारा होता है |इसलिए हमें कभी हार नहीं माननी चाहिए |



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