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क्या आप मानते हैं कि कवि बच्चन का संदेश आज की जीवन-प्रणाली में व्यावहारिक हो सकता है? अपने विचार संक्षेप में लिखिए। |
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Answer» ‘आत्म-परिचय’ कविता में अपना परिचय विस्तार से दिया है। अपनी जीवन-शैली, रुचि, अरुचि, मतभेद और सहमति सभी के बारे में कवि ने विस्तार से बताया है। उनका संदेश है कि मस्ती के साथ-साथ प्यार बाँटते हुए जीवन बिताओ। कवि का संदेश सुनने में तो बड़ा प्रेरक और आकर्षक लगता है, किन्तु आज की परिस्थितियों में इसे निभा पाना आसान नहीं होगा। धन, यश और पद के लिए मची आपाधापी के इस युग में, आने सपनों के संसार के साथ जीना, जीवन के साथ एक मजाक ही माना जा सकता है। मेरे विचार से बच्चन के जीवन-दर्शन अपनाना आज अत्यंत कठिन काम है। |
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