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कवि ने अपनी जंजीरों को क्या माना है |
Answer» कवि ने अपनी जंजीरों को अंग्रेजों द्वारा दिया ‘गहना’ माना है।‘माखनलाल चतुर्वेदी’ द्वारा रचित कविता ‘कैदी और कोकिला’ में कवि इन पंक्तियों के माध्यम से कहता है.... क्या ? देख न सकती, जंजीरों का गहना ? हथकड़ियां क्यों ? यह ब्रिटिश राज्य का गहना। अर्थात कवि कोयल से कह रहा है क्या तुम यह जंजीर रूपी हथकड़ियाँ नही देख पा रही हो, यह हथकड़ियां नहीं बल्कि जंजीर रूपी गहना है, जो अंग्रेज सरकार ने हम क्रांतिकारियों को पहनाया है। इस कवि ने जंजीरों के गहने के समान माना है। ≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡≡ संबंधित कुछ अन्य प्रश्न—▼ कोयल कैदियों के मन में कौन सी भावना जागृत करने आई थी? CLASS="sg-link" href="https://brainly.in/question/25247893">brainly.in/question/25247893 ═══════════════════════════════════════════ क्रांतिकारियों ने किस उद्देश्य से कारागार जाना स्वीकार किया? class 9 पाठ कैदी और कोकिला ○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○ |
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