1.

कस्मिंश्चित् वने खरनखर: नाम सिंहः प्रतिवसति स्म। सः कदाचित् इतस्ततः परिधानक्षुधातः न किञ्चिदपि आहार प्राप्तवान्। ततःसूर्यास्तसमये एका महती गुहां दृष्ट्वा सःअचिन्तयत्-“नूनम् एतस्यां गुहाया रात्री कोऽपिजीवः आगच्छति। अतः अत्रैव निगूढो भूत्वातिष्ठामि” इति।​ meaning

Answer»

किसी वन में खरनखर नामक शेर रहता था वह दिन भर भोजन की खोज में पूरे जंगल में घूमा पर उसे कोई भोजन नहीं मिला।सूरज ढलने के बाद एक गुफा उसे दिखाई दी , उसने सोचा कि रात्रि में कोई न कोई जीव यहां पर जरूर आएगा वह उसके इंतजार में बैठ गया।



Discussion

No Comment Found

Related InterviewSolutions