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कर्ज में डूबे किसानों के विषय पर 150 शब्दों का लेख लिखें। |
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Answer» कर्ज में डूबे किसान** पैसा उधार लेते समय उधारकर्ता यानी किसान अपनी ऋण चुकाने की क्षमता पर ध्यान नहीं देता है। ... क़र्ज़ का बोझ किसान के लिए फांसी का फन्दा बन जाता है। कृषि कार्यो के लिए धन की आवश्यकता होने पर उधार लेने में कुछ भी गलत नहीं है। लेकिन ऋणग्रस्तता तब पैदा होती है जब किसान की आय प्रयाप्त रूप से ऋण चुकाने के लिए काफी नहीं होता है। आपको कई ऐसे गाँव मिल जाएंगे जहाँ किसान क़र्ज़ में गले तक डूब गए है। अत्यधिक किसान है जिन्होंने खेती करने से पहले बैंक से कर्ज़ा लिया था। ... इस चक्कर में किसान को दोबारा बैंक से लोन मिलने में बड़ी मुश्किल होती है और कर्जा नहीं मिल पाता है। मौजूदा ग्रामीण ऋणग्रस्तता का सबसे महत्वपूर्ण कारण पैतृक ऋण है।
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