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कितना भी चाहो ना भूला पाओगेहमसे जितना दूर जाओ नज़दीक पाओगेहमे मिटा सकते हो तो मिटा दोयादें मेरी, मगरक्या सपनो से जुदा कर पाओगे...हस्ती मिट जाती है आशियाँ बनाने मे,बहुत मुस्किल होती है अपनो को समझाने मे,एक पल मे किसी को भुला ना देना,ज़िंदगी लग जाती है किसी को अपना बनाने मे….इंसान के कंधों पर इंसान जा रहा था,कफ़न में लिपटा अरमान जा रहा था,जिसे भी मिली बेवफ़ाई मोहब्बत में,वफ़ा की तलाश में श्मशान जा रहा था। |
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Answer» Mai bhi thik hu.............. |
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