|
Answer» गुरु अर्जन देव जी की शहीदी के मुख्य कारण निम्नलिखित थे — - जहांगीर की धार्मिक कट्टरता- मुग़ल सम्राट जहांगीर गुरु जी से घृणा करता था। वह या तो उन्हें मारना चाहता था या फिर उन्हें मुसलमान बनने के लिए बाध्य करना चाहता था।
- पृथिया की शत्रुता- गुरु रामदास जी ने गुरु अर्जन देव जी की बुद्धिमत्ता से प्रभावित होकर उन्हें अपना उत्तराधिकारी नियुक्त किया था, परन्तु यह बात गुरु अर्जन देव जी का बड़ा भाई पृथिया सहन न कर सका। इसलिए वह गुरु साहिब के विरुद्ध षड्यन्त्र रचने लगा।
- गुरु जी का शाही ठाठ-बाठ- गुरु जी ने एक शानदार दरबार की स्थापना कर ली थी और वह शाही ठाठ-बाठ से रहने लगे थे। उन्होंने अब ‘सच्चा पातशाह’ की उपाधि धारण कर ली थी। मुग़ल सम्राट् जहांगीर इस बात को सहन न कर सका और उसने गुरु जी के विरुद्ध कार्यवाही करने का निश्चय कर लिया।
- गुरु अर्जन देव जी पर जुर्माना- धीरे-धीरे जहांगीर की धर्मान्धता चरम सीमा पर पहुंच गई। उसने विद्रोही राजकुमार खुसरो की सहायता करने के अपराध में गुरु जी पर दो लाख रुपये जुर्माना कर दिया। परंतु गुरु जी ने यह जुर्माना देने से इन्कार कर दिया। इस पर उसने गुरु जी को कठोर शारीरिक कष्ट देकर शहीद कर दिया।
|