1.

खुशबू रचते हैं हाथ कविता में कवि ने किस तरह सामाजिक विषमताओं को बेनकाब किया है​

Answer»

इस पाठ की दूसरी कविता 'खुशबू रचते हैं हाथ' में कवि ने सामाजिक विषमताओं को बेनकाब किया है। ... कवि कहता है कि अगरबत्ती बनाने वाले कारीगरों के हाथ तरह-तरह के होते हैं। किसी के हाथों में उभरी हुई नसें होती हैं। किसी के हाथों के नाखून घिसे हुए होते हैं

PLEASE MARK BRAINLEST ANSWER ...PLEASE



Discussion

No Comment Found

Related InterviewSolutions