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खिदराना की लड़ाई का वर्णन करो। |
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Answer» चमकौर के युद्ध के पश्चात् गुरु गोबिन्द सिंह जी खिदराना में दाब नामक स्थान पर पहुंचे। वहां मुग़लों से उनका अन्तिम युद्ध हुआ। इस युद्ध में वे 40 सिक्ख भी गुरु जी के साथ आ मिले जो आनन्दपुर के दूसरे युद्ध में उनका साथ छोड़ गए थे। उन्होंने अपनी गुरु भक्ति का परिचय दिया और लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। उनकी इस गुरु भक्ति तथा बलिदान से गुरु जी बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने वहां इन शहीदों की मुक्ति के लिए प्रार्थना की । ये 40 शहीद इतिहास में ’40 मुक्ते ‘ कहलाते हैं। इस लड़ाई में माई भागो विशेष रूप से गुरु साहिब के पक्ष में लड़ने के लिए पहुंची थी। वह भी बुरी तरह से घायल हुई। अंत में गुरु साहिब विजयी रहे और मुग़ल सेना परास्त होकर भाग खड़ी हुई। |
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