Saved Bookmarks
| 1. |
खाते की उधार शेष या जमा शेष कब होती है ? |
|
Answer» खाते की उधार शेष या जमा शेष तय करने के लिये सभी व्यवहारों की असर देने के बाद जिस पक्ष का योग अधिक हो उसे दोनों तरफ योग के खाने में दर्शाकर अंतर की राशि ज्ञात की जाती है । अगर उधार पक्ष का योग अधिक हो तब अंतर की राशि जमा पक्ष में आयेगी, वह उधार शेष कहलायेगी । और अंतर की राशि अगर उधार पक्ष में आये तब वह जमा शेष कहलायेगी । |
|