1.

खाताबही अर्थात् क्या ? उसकी आवश्यकताओं की जानकारी दीजिए ।

Answer»

रोजनामचा या सहायकबही के आधार पर उपस्थित होनेवाले विविध व्यक्तियों के खाते, माल-संपत्ति के खाते और उपज-खर्च के खातों को अलग से जहाँ रखा जाता है उस चोपड़े को खाताबही कहते है । खाताबही यह सभी खातों का सारांश दानवाली बही है । व्यापारी को जरूरी और उपयोगी जानकारी तथा अलग-अलग सारांश खाताबही पर से शीघ्र और सरलता से मिल सकते हैं । इस प्रकार नामा के मुख्य उद्देश्यों की पूर्ती खाताबही के द्वारा ही संभव है । इसलिए खाताबही को चोपड़े का राजा (King of Books) माना जाता है । रोजनामचा पर से व्यापारी को व्यवसाय के मूल व्यवहारों को आधारभूत जानकारी मिलती है इसलिए रोजनामचा का नामा की मूलबही अथवा आधारभूत बही कही जाती है और खाताबही पर से व्यवसाय की आर्थिक स्थिति और लाभ या हानि की जानकारी मिलती होने से उपयोगिता की दृष्टि से खाताबही नामा की मुख्यबही अथवा प्रधान लेखाबही के रूप में जानी जाती है । खाताबही की आवश्यकता निम्नानुसार दर्शायी जा सकती है ।

  • पूंजी का प्रमाण : वर्ष के अंत में व्यवसाय में लगाई गई पूँजी कितनी है, उस संबंध में जानकारी प्राप्त होती है ।
  • संपत्ति के संबंध में : धंधे में विविध प्रकार की संपत्ति खरीदी जाती है । प्रत्येक प्रकार की संपत्ति वर्ष के अंत में कितनी राशि की है, उस संबंध में जानकारी प्राप्त होती है ।
  • लेना और देना : वर्ष के अंत में धंधे में लेना और देना कितना है, उसकी जानकारी प्राप्त होती है ।
  • खर्च और उपज संबंधी : हिसाबी वर्ष के दरम्यान विविध खर्च और विविध उपज (आवक) की जानकारी तथा उनकी कुल राशि की जानकारी प्राप्त होती है ।
  • खरीदी और बिक्री संबंधी जानकारी : हिसाबी वर्ष के दरम्यान कुल खरीदी, कुल बिक्री, कुल खरीद वापसी, कुल बिक्री वापसी तथा बिक्री सिवाय के अन्य रूप से गये माल के विवरण की जानकारी प्राप्त होती है ।
  • सकल तलपट तैयार करने के लिये : सकल तलपट तैयार करने के लिये सभी खातों के शेष की जानकारी खाताबही द्वारा प्राप्त होती है ।
  • वार्षिक हिसाब तैयार करने संबंधी : हिसाबी वर्ष के अंत में धंधे के वार्षिक हिसाब तैयार करने के लिये विविध खाते की जानकारी खाताबही द्वारा प्राप्त होती है ।
  • नीतिविषयक निर्णय संबंधी : व्यापारियों को नीतिविषयक निर्णय लेने के लिये आवश्यक और उपयोगी जानकारी खाताबही द्वारा प्राप्त होती है ।
  • सांख्यिक जानकारी प्राप्त करने के लिये : हिसाबों में आवश्यक सांख्यिक जानकारी प्राप्त करने के लिये तथा अगर कोई गाणितिक या कोई सैद्धांतिक भूल हुई हो वह ज्ञात करने के लिये खाताबही मददरुप सिद्ध होती है ।


Discussion

No Comment Found