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खाता अर्थात् क्या ? विस्तृत जानकारी दीजिए । |
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Answer» किसी निश्चित हिसाबी समयावधि के दरम्यान व्यक्ति, माल, संपत्ति, उपज या खर्च में से कोई एक विवरण के साथ जुड़े हुए प्रत्येक व्यवहारों का निश्चित नमूने में नामा के नियमों के अनुसार उधार और जमा असरें दर्शाता हुआ सारांश अर्थात् खाता । किसी निश्चित समयावधि में व्यवसाय में होनेवाले आर्थिक व्यवहारों की असर दर्शानेवाले खातों का सारांश ज्ञात करने के लिए प्रत्येक खातों को अलग से खाताबही में लिखा जाता है । खाताबही में वर्ष दरम्यान प्रत्येक खाता पर जो हिसाबी असर हुई हो उसे दर्शाया जाता है । खाता किसी भी व्यक्ति से सम्बन्धित, खर्च या आय से सम्बन्धित हो सकता है । उदा. माल से सम्बन्धित खरीद खाते से वर्ष दरम्यान कितनी खरीदी हुई यह ज्ञात किया जाता है । विजय के खाते पर से विजय को कितनी रकम देनी बाकी है या कितनी रकम लेनी बाकी है वह ज्ञात किया जा सकता है । खाता को दो भागों में बाँटा जाता है उधार पक्ष और जमा पक्ष । रोजनामचा में जिस खाते को उधार किया गया हो उस खाते को खाताबही में खतौनी करते समय भी उधार पक्ष में ही लिखा जायेगा और जिस । खाते को रोजनामचा में जमा किया गया हो उसकी खाताबही में खतौनी करते समय भी उस खाते के जमा तरफ लिखा जायेगा । |
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