| 1. |
कहानी पूस की रात में हल्कू का चरित्र चित्रण |
|
Answer» पूस की रात कहानी में हल्कू का चरित्र-चित्रण... पूस की रात कहानी में हल्कू एक बेहद गरीब किसान हैस जो कड़ी मेहनत करने के बाद भी उतना नहीं कमा पाता कि वो अच्छी तरह अपना गुजारा कर सके। उसकी पत्नी उसे खेती छोड़कर मजदूरी करने की सलाह देती रहती है। खेती के काम में जोखिम भी है, लेकिन हल्कू खेती करता रहता है। हल्कू स्वयं के अपमान से डरने वाला भीरू प्रवृत्ति का व्यक्ति भी है, जो इसी कारण कर्जदार द्वारा तकादा करने पर वह सर्दियों में कंबल खरीदने के लिये बचाये गये पैसे दे देता है, ताकि अपमान से बच सके। रात में खेतों की रखवाली करते समय वह ठंड सह नहीं पाता और ठंड के बचाव के लिए लापरवाही में अपने खेतों में ही आग देता है। इस तरह वह एक आम भारतीय किसान है, जो हालातों के आगे विवश होकर हार मान लेता है। ○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○ संबंधित कुछ अन्य प्रश्न—▼ पूस की रात कहानी की कथावस्तु और उद्देश्य पर प्रकाश डालिये? .......................................................................................................................................... मुन्नी की नजर में खेती और मजदूरी में क्या अंतर है वह हल्कू से खेती छोड़ देने के लिए क्यों कहते हैं ○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○ |
|