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केन्द्रीय सरकार के व्यय की मुख्य मदों का उल्लेख कीजिए। |
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Answer» केन्द्रीय सरकार के व्यय की मदें स्वतन्त्रता के पश्चात् भारत सरकार के व्यय में पर्याप्त वृद्धि हुई है। केन्द्रीय सरकार के व्यय को मुख्यत: दो भागों में बाँटा जा सकता है –
1. विकास व्यय – इनमें मुख्य हैं—शिक्षा, वैधानिक सेवाएँ, अनुसन्धान, कला, संस्कृति, चिकित्सा, परिवार कल्याण तथा स्वास्थ्य, श्रम एवं रोजगार, प्रसारण, कृषि एवं सम्बद्ध सेवाएँ, उद्योग व खनिज, विदेशी व्यापार व निर्यात प्रोत्साहन, जल व शक्ति का विकास, परिवहन एवं संचार, राज्यों को विकास अनुदान, सामान्य सेवाएँ व अन्य व्यय आदि। इन्हें आयोजना व्यय भी कहा जाता है। 2. गैर-विकास व्यय – इनमें मुख्य हैं—सुरक्षा व्यय, प्रशासनिक सेवाएँ, राज्यों को गैर-विकास संक्षेप में, केन्द्र सरकार की व्यय की मुख्य मदों का विवरण निम्नलिखित है – 1. सुरक्षा या प्रतिरक्षा व्यय – इसके अन्तर्गत जल सेना, थल सेना व वायु सेना पर किया जाने वाला व्यय सम्मिलित होता है। गत वर्षों में सुरक्षा व्यय में तेजी से वृद्धि हुई है। देश की एकता व अखण्डता को बनाये रखने के लिए सरकार इस मद में पर्याप्त राशि व्यय करती है। 2. विकास योजनाओं पर व्यय – आर्थिक विकास के विभिन्न कार्यक्रमों को चलाने के लिए केन्द्र सरकार को बहुत अधिक व्यय करना पड़ता है। व्यय की मुख्य मदें हैं—शिक्षा, कला, संस्कृति, अनुसन्धान, चिकित्सा, परिवार कल्याण एवं स्वास्थ्य, श्रम व रोजगार, उद्योग व खनिज, विदेशी व्यापार व निर्यात, जल व शक्ति विकास, राज्यों को अनुदान, रेलें, डाक व तार, कृषि व सम्बद्ध सेवाएँ आदि। 3. प्रशासनिक सेवाएँ – प्रशासनिक व्यय के अन्तर्गत केन्द्र सरकार के प्रशासनिक कर्मचारियों के वेतन, भत्ते, विभिन्न मन्त्रालयों के खर्चे, सामान्य प्रशासन, पुलिस, न्याय इत्यादि क्षेत्रों पर किये जाने वाले व्यय सम्मिलित किये जाते हैं। विभिन्न देशों में स्थित भारतीय दूतावासों के व्यय भी इसी के अन्तर्गत आते हैं। इस मद में केन्द्रीय सरकार को बड़ी राशि व्यय करनी पड़ती है। 4. ऋण सेवाएँ – केन्द्र सरकार विभिन्न देशी व विदेशी ऋणों पर ब्याज का भुगतान करती है। 5. राज्यों के अनुदान – केन्द्र सरकार राज्यों एवं केन्द्रशासित प्रदेशों को विकासात्मक एवं गैर-विकासात्मक उद्देश्यों की पूर्ति हेतु अनुदान देती है। संघ राज्य क्षेत्रों के विकास के लिए जो योजनाएँ निर्मित की जाती हैं, उनके क्रियान्वयन के लिए भी केन्द्र सरकार ही अपने वित्तीय साधनों से व्यय करती है। 6. करों व शुल्क-संग्रह पर व्यय – केन्द्र सरकार को करों व शुल्कों की वसूली हेतु भी पर्याप्त व्यय करना पड़ता है। 7. करेन्सी व टकसाल – केन्द्र सरकार करेन्सी के छापने व सिक्कों को ढालने पर भी बहुत अधिक व्यय करती है। 8. स्थानीय निकायों की सहायता – केन्द्र सरकार स्थानीय निकायों, नगर निगम, नगर महापालिका, नगरपालिका, जिला प्रशासन आदि की सहायता हेतु भी पर्याप्त धनराशि का व्यय करती है। 9. पेंशन तथा आकस्मिक व्यय – केन्द्र सरकार अवकाश प्राप्त कर्मचारियों, अधिकारियों एवं स्वतन्त्रता संग्राम सेनानियों की पेंशन पर पर्याप्त व्यय करती है। इसके अतिरिक्त सरकार को कभी-कभी ऐसे आकस्मिक व्यय भी करने पड़ते हैं, जिनका उसे पहले से पता नहीं होता। उपर्युल्लिखित मदों के अतिरिक्त केन्द्र सरकार–
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