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केन्द्रीय प्रवृत्ति क्या है? परिभाषा लिखिए। |
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Answer» केन्द्रीय प्रवृत्ति से आशय किसी सांख्यिकी श्रृंखला के केन्द्रीय मूल्य या प्रतिनिधि मूल्य से है। किसी भी मनुष्य के लिए आँकड़ों के एक बहुत बड़े समूह को समझना या अपनी स्मृति में रखना कठिन होता है। इसलिए वह ऐसे मूल्य का ज्ञान प्राप्त करना पसन्द करेगा जो किसी श्रेणी के सभी आँकड़ों की विशेषताओं का प्रतिनिधित्व करता हो। इस प्रकार के मूल्य को केन्द्रीय प्रवृत्ति के माप’ अथवा औसत या माध्य कहा जाता है। उदाहरण के लिए भारत के करोड़ों लोगों के आय सम्बन्धी आँकड़ों को समझना तथा याद रखना कठिन कार्य होगा परन्तु यदि यह कहा जाए कि वर्ष 2012 में भारत के लोगों की औसत आय १ 23,000 प्रतिवर्ष है तो हम सरलता से भारत के अधिकतर लोगों की आर्थिक स्थिति का अनुमान लगा सकेंगे। इस औसत मूल्य को ही श्रृंखला का केन्द्रीय माप कहा जाता है। इसे स्थिति सम्बन्धी माप भी कहते हैं। अत: केन्द्रीय प्रवृत्ति के माप से आशय सांख्यिकीय विश्लेषण की उन विधियों से है जिनके द्वारा किसी श्रेणी के चर को ऐसा मूल्य अर्थात् औसत ज्ञात किया जाता है जो समस्त श्रेणी का प्रतिनिधित्व करता है। 1. क्रोक्सटन तथा काउडेन के अनुसार – “आँकड़ों के विस्तार के अन्तर्गत स्थित एक ऐसे मूल्य को जिसका प्रयोग श्रृंखला के सभी मूल्यों का प्रतिनिधित्व करने के लिए किया जाता है, औसत कहा जाता है। चूंकि औसत श्रृंखला के विस्तार के अन्तर्गत स्थित होता है इसलिए इसे केन्द्रीय प्रवृत्ति की माप भी कहा जाता है। |
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