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काव्य-पंक्तियों को पढ़कर उसका भावार्थ लिखिए :दीपक को देखो कैसे यह,हरदम जलता रहता है।अपना अंतर जला-जलाकररोशन जग को करता हैं।आओ, हम भी इंसा बनकरजग में अपना नाम कमाएँ।अच्छे-सच्चे काम करें और,सारी धरती को महकाएँ। |
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Answer» दीपक सदा स्वयं जलता है लेकिन हमें प्रकाश देता है। हम भी दीपक की तरह स्वयं कष्ट सहें लेकिन दुःखी लोगों का दु:ख दूर कर उन्हें सुखी बनाएँ। ऐसा करनेवाले मानवों को ही यश मिलता है। दिल के सच्चे और अच्छे काम करनेवाले लोग ही दुनिया को सुंदर और सुखमय बनाते हैं। |
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