1.

काव्य-पंक्तियों को पढ़कर उसका भावार्थ लिखिए :दीपक को देखो कैसे यह,हरदम जलता रहता है।अपना अंतर जला-जलाकररोशन जग को करता हैं।आओ, हम भी इंसा बनकरजग में अपना नाम कमाएँ।अच्छे-सच्चे काम करें और,सारी धरती को महकाएँ।

Answer»

दीपक सदा स्वयं जलता है लेकिन हमें प्रकाश देता है। हम भी दीपक की तरह स्वयं कष्ट सहें लेकिन दुःखी लोगों का दु:ख दूर कर उन्हें सुखी बनाएँ। ऐसा करनेवाले मानवों को ही यश मिलता है। दिल के सच्चे और अच्छे काम करनेवाले लोग ही दुनिया को सुंदर और सुखमय बनाते हैं।



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