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क. मनुष्य के प्रेम की सीमाएं अनंत है।वह चाहे तो पशु पक्षियों में भी प्रेम भरा संसार ढूंढ सकता है। इस दृष्टि सेमहादेवी वर्मा के पशु-प्रेम पर प्रकाश डालिए। |
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Answer» महादेवी के लिए वह जानवर नहीं थे। उन्होंने माँ के समान सबको प्यार दिया और उन्हें अपने ह्दय में अमर रखा। ... इससे पता चलता है कि वह उनसे कितना प्रेम करती थी और वे उनके जीवन में कितना महत्व रखते थे। महादेवी किसी भी घायल या बेसहारा पशु-पक्षियों को अपने घर में आश्रय देकर उन्हें अपना बना लेती थी। |
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