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Answer» ऐसे सुरक्षित वन जहाँ वन, वन्य जीवन और प्राकृतिक सौंदर्य तीनों की एकसाथ सुरक्षा की जाती हो उसे जैव आरक्षित क्षेत्र कहते हैं । - इसकी रचना अंतर्राष्ट्रीय मानदंडों के अनुसार की जाती है ।
- इसका उद्देश्य उस क्षेत्र के प्राकृतिक और साँस्कृतिक विविधता का संरक्षण करना है ।
- इस क्षेत्र में होनेवाली सभी वनस्पति, जीवजन्तु और जमीन के उपरांत वहाँ बसनेवाले सभी मानव समुदायों की जीवन शैली का भी संरक्षण होता है ।
- यहाँ जैव वैविध्य के विषय में संशोधन और प्रशिक्षण के लिए विशेष अभियान चलाना चाहिए ।
- इस प्रकार के घोषित सभी क्षेत्रों में सभी प्रकार की बाहर की मानवीय गतिविधियों पर संपूर्ण प्रतिबंध होता है ।
- इस क्षेत्र का औसतन विस्तार लगभग 5000 वर्ग कि.मी. होता है ।
- नीलगिरि, मन्नार की खाड़ी, ग्रेट निकोबार, सुंदरवन, पंचमढ़ी आदि के मुख्य क्षेत्र आरक्षित क्षेत्र है ।
- गुजरात के कच्छ के रेगिस्तान की विशिष्ट परिस्थिति के संरक्षण हेतु 2008 में जैव आरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया ।
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