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जैन धर्म की महत्त्वपूर्ण शिक्षाओं को संक्षेप में लिखिए। |
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Answer» जैन धर्म की प्रमुख शिक्षाएँ इस प्रकार हैं-जैन धर्म के अनुसार मानव जीवन का चरम लक्ष्य निर्वाण प्राप्ति है। इसे प्राप्त करने ⦁ सम्यक् ज्ञान अर्थात् अज्ञान को दूर करके ज्ञान प्राप्ति की दिशा में प्रयत्न करना। ज्ञान की प्राप्ति तीर्थंकरों के उपदेशों का अनुसरण करने से ही हो सकती है। सृष्टि के कण-कण में चाहे वह जड़ है या चेतन आत्मा का निवास है अर्थात् आत्मा केवल मनुष्यों पशु-पक्षियों आदि में ही नहीं अपितु पेड़-पौधों, पत्थरों, जल, वायु आदि सभी में है। अतः जड़, चेतन किसी की भी हिंसा नहीं करनी चाहिए। जैन मान्यता के अनुसार मनुष्य के कर्म ही उसके जन्म और पुनर्जन्म के चक्र को निर्धारित करते हैं। मनुष्य जो कर्म करता है, उसका फल एकत्रित होता रहता है और उस कर्मफल को भोगने के लिए ही आत्मा को बार-बार जन्म लेना पड़ता है। कर्मों का नाश करके ही मनुष्य पुनर्जन्म के चक्र से छुटकारा पा सकता है। कर्मों का विनाश त्याग और तपस्या के द्वारा ही किया जा सकता है। संसार त्याग के बिना कर्मों से छुटकारा नहीं पाया जा सकता। |
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