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(ix) सुत मुख देखि जसोदा फूलीहरषति देखि दूध की द॑तिया, प्रेम मगन तन की सुधि भूली।। में कोनसा रस है।। |
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Answer» ऋण थे कि अब तो नहीं एवं दूसरे की ज़मीन के |
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