1.

इनसे सम्बन्धित दोहों को उसी क्रम में लिखिए –(क) मधुर वाणी औषधि का काम करती है तथा कठोर वाणी तीर की तरह मन को बेध देती है।(ख) कोई भी कार्य समय पर ही होता है।(ग) अपने दुख को कहीं उजागर नहीं करना चाहिए।(घ) परोपकार करने वाले लोग प्रशंसनीय होते हैं।(ङ) दूसरे लोगों में बुराई देखना ठीक नहीं।

Answer»

(क) मधुर बचन है औषधि, कटुक बचन है तीर। सेवन द्वार हुवै संचरे, सालै सकल सरीर।

(ख) धीरे-धीरे रे मना, धीरे सब कुछ होय।
माली सींचे सौ घड़ा, ऋतु आए फल होय।

(ग) रहिमन निज मन की व्यथा, मन ही राखो जोय।
सुनी अटिलैहें लोग सब, बॉटि न लैहें कोय।।

(घ) वें रहीम नर धन्य हैं, पर उपकारी अंग।
बाँटनवारे को लगे, ज्यों मेंहदी को रंग।।

(ङ) बुरा जो देखन मैं चला, बुरा ना मिलिया कोय।।
जो दिल खोजा आपनो, मुझ-सा बुरा ना कोय ।।



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