| 1. |
हरित क्रान्ति पर टिप्पणी लिखिए। |
|
Answer» हरित क्रान्ति का अभिप्राय कृषि उत्पादन में उस तेज़ वृद्धि से है जो थोड़े समय में उन्नत किस्म के बीजों तथा रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग के फलस्वरूप हुई है। हरित क्रान्ति योजना को कृषि की नई नीति भी कहा जाता है। इसे 1966 में शुरू किया गया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य अनाज का उत्पादन बढ़ाकर आत्म-निर्भर होना है। भारत जैसी घनी जनसंख्या और समय-समय पर अनाज की कमी वाले देश में इस योजना का बहुत ही अधिक महत्त्व है। इस योजना के अधीन विभिन्न राज्यों में कुल बोए जाने वाले क्षेत्र के चुने हुए भागों में गेहूँ तथा चावल की नई , किस्में तथा देश में विकसित अधिक उपज देने वाली मक्का, ज्वार, बाजरा की किस्मों का प्रयोग किया गया है। इसके साथ ही बहु-फसली कार्यक्रम, सिंचाई की व्यवस्था व पानी का ठीक प्रबन्ध तथा सूखे क्षेत्रों का योजनाबद्ध विकास किया गया जिससे अनेक फसलों का उत्पादन बढ़ा। यह क्रान्ति पंजाब और हरियाणा में आश्चर्यजनक रूप से सफल हुई। |
|