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Answer» विरासत देश की पहचान है । इसकी अवगणना करनेवाले राष्ट्र का कोई भी भविष्य नहीं होता, क्योंकि विरासत हमारे लिए मार्गदर्शक होती है । - भूतकाल में हमने जो भूले की है उनको वर्तमान में समझकर भविष्य के लिए योजना और विकास की दिशा निश्चित करने में योजनाएँ हमें पथप्रदर्शक बनती है ।
- देश में नयी चेतना का संचार करने में विरासत खूब उपयोगी है ।
- देश के साँस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत के स्थलों को होनेवाला नुकसान या विनाश के प्रति देश के लोगों में जागृति आये यह अनिवार्य है ।
- विरासत के जतन के लिए मात्र सरकार ही नहीं, सामान्य प्रजा को भी अपनी भूमिका निभानी चाहिए ।
- विरासत देश की प्रजा के लिए आदर्श होती है । इसलिए उसे नष्ट होने से रोकना जरूरी है ।
- विदेशी प्रजाओं के आक्रमण और हमारी सतर्कता के अभाव के कारण हमारी विरासत को भयंकर नुकसान हुआ है । जिसके कारण उसकी देखभाल करना सरकार तथा समस्त प्रजा का नैतिक कर्तव्य है ।
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