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Answer» भारत की भव्य भूतकालीन विरासत की सुरक्षा के लिए राज्य सरकारें, युनेस्को और गैर सरकारी संस्थाएँ अपना कर्तव्य योग्य रूप से निभा रही है, परंतु सबसे महत्त्वपूर्ण जवाबदारी हम सबकी है । - विद्यालयों-महाविद्यालयों में शिक्षक कक्षा में हमारी भव्य विरासत का परिचय दें ।
- विद्यार्थी भी अंजाने में स्मारकों, स्थलों, पुरावशेषों को पहचानकर उनकी सुरक्षा और संरक्षण में सहायता करें ।
- विरासत की सूची बनाने में सतर्कता रख्ने, स्मारकों को नष्ट न होने दे, उनकी तोड़-फोड़ न हो, उनकी चोरी न हो यह ध्यान में रखकर सतत अध्ययनशील रहे यह जरूरी है ।
- स्थानीय स्तर पर विद्यालयों-महाविद्यालयों और गैरसरकारी संस्थाओं द्वारा ऐतिहासिक स्थलों का प्रवास, वक्तव्यों, प्रदर्शनियों, चर्चासभाओं का आयोजन करना, हमारी विरासत की समझ देना, लोकजागृति विकसित करना ।
- ऐतिहासिक स्मारकों, शिल्प-स्थापत्यों, कलाकारीगरी के नमूने एक बार नष्ट हो तो फिर मूल स्थिति में नहीं आ सकते, इसके लिए उनका नाश न होने दे, वे मूल स्थान से दूसरे स्थान पर न जाये इसका ध्यान रखना सबका पवित्र कर्तव्य है ।
- हमारा देश विशाल और वैविध्यपूर्ण विरासतवाला है, इसमें प्राचीन समय के वाव, झरने, तालाब, सरोवर आदि है, इनकी वर्षाऋतु के दरम्यान विशेष देख-भाल करनी चाहिए ।
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