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हिन्दी कहानी के विकास में प्रेमचन्द अथवा प्रसाद के योगदान का उल्लेख कीजिए।

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हिन्दी कहानी के क्षेत्र में प्रेमचन्द एवं प्रसाद ने युगान्तरकारी कार्य किया। मुंशी प्रेमचन्द ने सरस, सरल एवं व्यावहारिक भाषा-शैली में जीवन का मार्मिक एवं यथार्थ चित्रण करने वाली आदर्शोन्मुख कहानियाँ लिखीं । ‘कफन’, ‘शतरंज के खिलाड़ी’, ‘पूस की रात’, ‘पंच परमेश्वर’, ‘मन्त्र’ आदि कहानियाँ उल्लेखनीय हैं।

प्रसाद जी ने उत्तम भाषा, भाव एवं कल्पनापूर्ण कौतूहल से युक्त उत्कृष्ट कहानियाँ लिखीं अधिकतर कहानियों में मानव मन के अन्तर्द्वन्द्व का चित्रण किया गया है। ‘पुरस्कार’, ‘आकाशदीप’, ‘मधुआ’, ‘गुण्डा’, ‘ममता’ आदि इनकी श्रेष्ठ कहानियाँ हैं।



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