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गोपुरम् स्थापत्य का महत्त्व समझाओ ।

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गोपुरम् अर्थात् दक्षिण भारत के मंदिरों का प्रवेशद्वार । गोपुरम् स्थापत्य उपर से अर्द्धगोलाकार होता है । गोपुरम् को मजबूत बनाने के लिए उसके नीचे माल का उर्ध्वाकार बनाया जाता है ।

  • दक्षिण भारत में पांड्य शासकों ने मंदिर निर्माण को वेगवान बनाया है ।
  • उन्होंने मंदिरों के बाहर खड़े दिवारे और ऊँचे सुंदर सुशोभित दरवाजों की रचना की थी ।
  • इन मंदिरों के दरवाजों के स्थापत्य ‘गोपुरम्’ नाम से पहचाना जाता है ।
  • मंदिरों के बदले ‘गोपुरम्’ की कलात्मक सुंदरता की महिमा बढ़ गयी थी ।
  • कांची और मदुराई के मंदिरों के ‘गोपुरम्’ दूर से देखकर आज भी कला प्रेमी मंत्रमुग्ध होते है ।
  • तांजोर में बृहदेश्वर मंदिर का 13 माल का गोपुरम् है ।
  • मदुराई मंदिर के मुख्य चार ‘गोपुरम्’ । स्थापत्य की दृष्टि से यह श्रेष्ठ माना जाता है ।


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