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गणोत्तरों का परम्परागत वर्गीकरण समझाइए । |
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Answer» गुणोत्तरों के वर्गीकरण के दो भागों में से एक भाग परम्परागत वर्गीकरण का है । परम्परागत वर्गीकरण में हिसाबी गुणोत्तरों की गणना वित्तीय पत्रकों के आधार पर होती है । यह वित्तीय पत्रक –
उपरोक्त दर्शाये गये व्यापार खाता और लाभ-हानि खाते के गुणोत्तरों में से अंश और हर की रकम इन खातों में से लेकर गुणोत्तरों की गणना की जाती है । इसी प्रकार पक्की तलपट के गुणोत्तरों में से दोनों रकम अंश और हर की रकम लेकर गुणोत्तरों की गणना की जाती है । मिश्र गुणोत्तर में एक रकम व्यापार खाता या लाभ-हानि खाता में से ली जाती है और एक रकम पक्की तलपट में से ली जाती है । |
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