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गढ्यांश को पढ़कर प्रश्न क्रमांक 1 से 5 तक प्रश्नों के उत्तर दीजिये- गढ्यांश-- प्रकृति निरंतर परिवर्तनशील है। रात्रि के घोर अंधकार के पश्चात मनोहारिणी उषा का आगमन, बादलों की काली घटा के पीछे से सूर्य का उज्ज्वल प्रकाश, ग्रीष्म में सूखे वृक्षों में वर्षा ऋतु से नई कोपलों का जन्म-यह सभी बदलते परिदृश्य जीवन की परिवर्तनशील गति की ओर संकेत करते हैं। जीवन का यह चक्र सतत चलायमान है। मानव जीवन का इतिहास उसके निरन्तर परिवर्तित होते विचारों, मान्यताओं और आस्थाओं का शाश्वत साक्षी है। आदिम युग के मानव ने आज बीसवीं सदी तक के समय में परिवर्तनों की कैसी लंबी यात्रा पूरी की है वह सबका चिरपरिचित सत्य है। मनुष्य जीवन की जन्म , शैशव, यौवन, और बुढापा नामक चारों अवस्थाएँ परिवर्तन की पुष्टि करती है। जहाँ परिवर्तन की गति रुक जाती है वही पड़ाव मृत्यु कहलाता है।Your answerप्रश्न-1 नई कोपलों का जन्म कब होता है?ग्रीष्म ऋतु मेंबादलों के घिरने परवर्षा ऋतु मेंऋतु बदलने परClear selectionप्रश्न-2 परिवर्तित होते विचारों, मान्यताओं का साक्षी कौन है ?बादलों की काली घटानिरंतर परिवर्तनशील ​

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ANSWER:

नई कोपलों का जन्म कब होता है?

ग्रीष्म ऋतु में

बादलों के घिरने पर

वर्षा ऋतु में

ऋतु बदलने पर

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