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Essay on eco friendly depavali

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आने में अब कुछ समय ही बचा है और इस त्योहार को लेकर बच्चों से लेकर बूढ़े तक एक्साइटेड रहते हैं। हालांकि बदलते मौसम और बढ़ते प्रदूषण में इस बात का सबको ख्याल रखना चाहिए कि उनका कोई भी कदम इस स्थिति को और बदतर न करें। इसलिए कोशिश करें कि आप ये दिवाली इको-फ्रेंडली तरीके से मनाएं, जिससे प्रदूषण न हों।

'जेडपैक' के संस्थापक राजेश अग्रवाल और 'श्रेया जैन कूट्यो' की संस्थापक श्रेया जैन ने इस संबंध में कुछ सुझाव दिए हैं जो इस दिवाली लोगों के लिए पर्यावरण के अनुकूल और प्राकृतिक संरक्षण को ध्यान में रखकर खरीदारी करने में मददगार साबित होंगे:



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