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एकांकी पढ़ने के बाद क्या आपके मन में भी जयदेव जैसा सरकारी अफसर बनकर देश की सेवा करने का विचार आया? यदि हाँ तो क्यों? यदि नहीं तो क्यों? |
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Answer» हाँ मेरे मन में भी जयदेव जैसा सरकारी अफसर बनकर देश की सेवा करने का विचार आया क्योंकि राष्ट्र की सेवा ही सर्वोपरि है। राष्ट्र है तो हम हैं, राष्ट्र नहीं तो कुछ भी नहीं। मतलब राष्ट्र से हमारी पहचान है और राष्ट्र से ही हमारा अस्तित्व है। यह प्रत्येक नागरिक का कर्त्तव्य है कि प्रतिक्षण राष्ट्र सेवा के लिए तैयार रहे। देश के गद्दारों को मार भगाने में सदा सहयोग करें। |
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