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एकाकी कला की दृष्टि में दीपदान एक उत्कृष्ट रचना है ? इस कथन को स्पष्ट की​

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ANSWER:

दीपदान का आंतरिक अर्थ सांकेतिक तथा प्रतीकात्मक है . इस अर्थ में दीप जीवन का पर्याय बन गया है . इस रूप में पन्ना अपने पुत्र का दान करके कुँवर उदय सिंह के प्राणों की रक्षा करती है . जहाँ सम्पूर्ण चितौड़ उमंगित होकर तुलजा भवानी की समक्ष दीपदान कर रहा है वहीँ धय माँ अपने साहस और त्याग का परिचय देती है



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