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दूसरे वचन की भाषा-शैली एवं कलात्मक पर प्रकाश डालिए। |
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Answer» दूसरे वचन में कवयित्री ने आरंभ में ही ईश्वर के लिए ‘जूही के फूल’ का उपमान प्रयुक्त करके दोनों के बीच तुलना की है । अर्थात् उपमा अलंकार का सुंदर प्रयोग हुआ है । ‘मँगवाओ मुझसे’, ‘कोई कुत्ता’ जैसी शब्द योजना में अनुप्रास अलंकार है । विभिन्न प्रकार की स्थितियों में दृश्य-बिम्ब की सुंदर सृष्टि हुई है । जैसे कि भीख मांगना, झोली फैलाना, भीख का नीचे गिर जाना, उसे उठाने के लिए झुकना, कुत्ते के द्वारा छापटना आदि । संवाद शैली का प्रयोग हुआ है और शांत रस का परिपाक हुआ है। |
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