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दुनिया के सभी भागों में स्त्री-पुरुष और बच्चे रेडियो से कान सटाए बैठे थे, जिनके पास . टेलीविजन थे, वे उसके पर्दे पर आँखें गड़ाए थे। मानवता के सम्पूर्ण इतिहास की सर्वाधिक रोमांचक घटना के एक क्षण के वे भागीदार बन रहे थे – उत्सुकता और कुतूहल के कारण अपने अस्तित्व से बिल्कुल बेखबर हो गये थे।(अ) उपर्युक्त गद्यांश का सन्दर्भ लिखिए।(ब) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।(स) रोमांचक घटना के भागीदार कौन बन रहे थे?[ दुनिया = विश्व। सटाए = मिलाकर। गड़ाए = एकटक देखना। भागीदार = हिस्सेदार। बेखबर = अनजान।] |
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Answer» (अ) प्रस्तुत गद्यावतरण हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘हिन्दी’ के गद्य-खण्ड में संकलित श्री जयप्रकाश भारती द्वारा लिखित ‘पानी में चंदा और चाँद पर आदमी’ नामक निबन्ध से अवतरित है। अथवा निम्नवत् लिखिए पाठ का नाम-पानी में चंदा और चाँद पर आदमी। लेखक का नाम-श्री जयप्रकाश भारती। (ब) रेखांकित अंश की व्याख्या-लेखक का कथन है कि सबसे अधिक रोमांचकारी घटना (मनुष्य का चाँद पर पहुँचना) को देखने और सुनने के लिए टी०वी० या रेडियो के पास बैठकर पूरी दुनिया के सभी व्यक्ति एक पल के लिए इसके हिस्सेदार बन रहे थे। जिज्ञासा और बेचैनी के कारण वे अपनी हस्ती से बिल्कुल अनजान हो गये थे। (स) दुनिया के सभी भागों के स्त्री-पुरुष और बच्चे रोमांचक घटना के भागीदार बन रहे थे। ” |
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