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दोहे का भावार्थ लिखें:मधुर बचन तें जात मिटै, उत्तम जन अभिमान|तनक सीत जलसों मिटै, जैसे दूध उफान ॥५॥ |
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Answer» तुलसीदास जी कहते हैं कि मधुर वचनों से या मीठी वाणी से अच्छे लोगों का अभिमान भी मिट जाता है। जैसे कि उफनते हुए गरम दूध में थोड़ा-सा ही शीतल (ठंडा) जल डाल देंगे, तो वह शांत हो जाएगा अर्थात् उफनेगा नहीं। इस प्रकार मधुर वचन का लाभ है। |
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