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धरती की शान से कवि का क्या तात्पर्य है ? भाव स्पष्ट कीजिए । |
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Answer» ‘धरती की शान’ से कवि का तात्पर्य मनुष्य की गौरवपूर्ण उपलब्धियाँ हैं। मनुष्य ने अपने बुद्धिबल से ऐसे अनेक कार्य कर दिखाए हैं, जो कभी असंभव माने जाते थे। मनुष्य ने सभ्यता और संस्कृति के ऊँचे आदर्श कायम किए हैं। उसने धरती पर के सभी प्राणियों में अपने को सर्वश्रेष्ठ साबित कर दिया है। इसलिए कवि मनुष्य को ‘धरती की शान’ मानता है। |
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