Saved Bookmarks
| 1. |
धार्मिक स्वतन्त्रता से क्या आशय है? |
|
Answer» व्यक्ति धर्म पर किसी प्रकार का बन्धन स्वीकार नहीं करता। यही कारण है कि आज अनेक राज्यों में व्यक्ति को कोई भी धर्म मानने, प्रचार करने तथा धारण करने की स्वतन्त्रता प्रदान की गयी है। भारतीय संविधान में भी धार्मिक स्वतन्त्रता का अधिकार प्रदान किया गया है। धर्मतन्त्र राज्यों में राज्य का एक धर्म होता है तथा उसी धर्म के अनुयायियों को विशेष सुविधाएँ प्राप्त होती हैं; जबकि धर्मनिरपेक्ष राज्य में व्यक्ति को अपनी इच्छा का कोई भी धर्म धारण करने की स्वतन्त्रता होती है तथा सभी धर्म एकसमान होते हैं। |
|