1.

डिबेंचरों का अंशों में रूपांतर किया जाये तब उसकी रोकड़ प्रवाह पत्रक में असर कहाँ दी जाती है ?

Answer»

डिबेंचरों का अंशों में रुपांतर किया जाये तब भी रोकड़ व्यवहार अस्तित्व में नहीं आता । इसलिये रोकड़ प्रवाह का सर्जन न होने से वित्तीय प्रवृत्तियों के रोकड़ प्रवाह के रूप में ध्यान में नहीं लिये जाते ।



Discussion

No Comment Found