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डिबेंचरों का अंशों में रूपांतर किया जाये तब उसकी रोकड़ प्रवाह पत्रक में असर कहाँ दी जाती है ? |
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Answer» डिबेंचरों का अंशों में रुपांतर किया जाये तब भी रोकड़ व्यवहार अस्तित्व में नहीं आता । इसलिये रोकड़ प्रवाह का सर्जन न होने से वित्तीय प्रवृत्तियों के रोकड़ प्रवाह के रूप में ध्यान में नहीं लिये जाते । |
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