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Cristal jalak Orr akak koshthika |
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Answer» Follow me Explanation: क्रिस्टलीय ठोस का मुख्य अभिलक्षण उसके CONSTITUENT Particles (अवयवी कणों) का Regular (नियमित) और REPEATING (पुनरावृत) पैटर्न है। जब क्रिस्टल के अवयवी कणों का three DIMENSIONAL (त्रिविमीय) arrangement (व्यवस्था) का आरेखन तथा उसमें प्रत्येक कण का बिन्दु द्वारा चित्रण को क्रिस्टल जालक (Crystal Lattice) कहा जाता है। दूसरे शब्दों में, Crystall (क्रिस्टल) का स्पेस (space) में बिन्दुओं की three dimensional (त्रिविमीय) arrangement (व्यवस्था) क्रिस्टल जालक (Crystal Lattice) कहलाती है। |
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