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चित्रमय प्रदर्शन की प्रमुख सीमाएँ बताइए।

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चित्रमय प्रदर्शन की प्रमुख सीमाएँ निम्नलिखित हैं

⦁    चित्रों की उपयोगिता सामान्य व्यक्ति के लिए है, किसी विशेषज्ञ के लिए नहीं।
⦁    चित्रों के माध्यम से विभिन्न मूल्यों का सूक्ष्म अन्तर प्रदर्शित करना सम्भव नहीं होता।
⦁    चित्र अनेक प्रकार की तुलना करने में अनुपयोगी होते हैं।
⦁    जब मापों के मध्य विशाल अन्तर होता है तो उस अन्तर को चित्रों द्वारा प्रदर्शित करना कठिन हो जाता है।
⦁    चित्रों का और अधिक निर्वचन करना सम्भव नहीं होता।
⦁    गलत मापदण्ड पर बने चित्र भ्रामक होते हैं।
⦁    चित्र निष्कर्ष निकालने का केवलएक साधन हैं; अत: इनका प्रयोग सारणियों के साथ किया जाना चाहिए। 
⦁    सन्निकट मूल्यों पर आधारित होने के कारण चित्र तथ्यों का यथार्थ प्रदर्शन नहीं कर पाते।
⦁    तुलनात्मक अध्ययन के लिए समंकों का सजातीय होना आवश्यक है।



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