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फर्जीवाड़ा:25 हजार रुपए में एसपी के फर्जी सील व हस्ताक्षर से बना दिया चरित्र प्रमाण पत्र

जैसलमेरएक महीने पहले

25 हजार रुपए में एसपी के फर्जी सील व हस्ताक्षर से बना दिया चरित्र प्रमाण पत्र|जैसलमेर,JAISALMER - DAINIK Bhaskar

एसडीएम ने पकड़ा फर्जीवाड़ा, आरोपी गिरफ्तार, फर्जी सील व दस्तावेज बरामद

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एक दलाल ने 25 हजार रुपए लेकर एसपी की फर्जी सील और हस्ताक्षर कर चरित्र प्रमाण पत्र बना दिया। एक ही दिन कागजात के वेरिफिकेशन हाे जाने पर एसडीएम काे संदेह हुआ और जब पड़ताल कराई गई ताे इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। इस पर स्थानीय कोर्ट परिसर में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक दलाल को गिरफ्तार किया।

उसके पास से एसपी की फर्जी सील व कई कागजात पर फर्जी हस्ताक्षर मिले। दलाल शंभूसिंह पुत्र भंवरसिंह निवासी चौक को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471 व 120 बी आईपीसी के तहत मामला दर्ज कर लिया। बुधवार को हिमाचल प्रदेश से कुछ लोग जैसलमेर आए थे। इन लाेगाें काे जैसलमेर में मुरब्बे आवंटित हो रखे हैं।

यहां आने पर उन्हें जानकारी मिली कि उन्हें पुलिस से चरित्र प्रमाण पत्र सत्यापित करवाना होगा। वे पूछताछ करते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचे तो उन्हें शंभूसिंह वहां मिला। उसने बताया कि 25 हजार रुपए में सब कुछ करवा देगा। उन्होंने कागजात शंभूसिंह को सौंप दिए। शंभूसिंह ने उनके कागजात पर एसपी की फर्जी सील लगाकर फर्जी हस्ताक्षर करके कुछ ही घंटों में सत्यापन कर दिया।

एक ही दिन में सत्यापन पर एसडीएम को संदेह, पड़ताल में फर्जीवाड़े का खुलासा

जब ये कागजात एसडीएम अशोक कुमार के पास पहुंचे तो उन्हें इस आधार पर संदेह हुआ कि एक ही दिन में सत्यापन कैसे हो गया। इस पर उन्होंने अतिरिक्ति पुलिस अधीक्षक राकेश बैरवा से फोन पर बातचीत की और डिस्पैच रजिस्टर खंगालने पर पता चला कि एसपी ऑफिस में इस तरह का कोई आवेदन ही नहीं आया है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए शंभूसिंह को गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से एसपी की फर्जी सील भी बरामद कर ली।

ऑनलाइन आवेदन करने पर सत्यापन होने में चार से पांच दिन लगते हैं

जानकारी के अनुसार पोंग डेम से प्रभावित लोगों को जैसलमेर में मुरब्बे आवंटित हो रखे हैं। अन्य कई बाहरी लोग भी जैसलमेर में जमीन खरीदने के लिए आते हैं। आम तौर पर वेरिफिकेशन का आवेदन स्थानीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पहुंचता है और फिर वहां से ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत व्यक्ति जहां का रहने वाला है वहां पर फाइल जाती है। वहां से वेरिफिकेशन होने के बाद स्थानीय पुलिस अधीक्षक की सील व हस्ताक्षर किए जाते हैं। इस प्रक्रिया में आम तौर पर 4 से 5 दिन लगते हैं।

गिरफ्तारी के बाद कई फर्जी मामलों का हो सकता है खुलासा

शहर कोतवाल बलवंतराम गोठवाल ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया जाकर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। इस दौरान उससे पूछताछ की जाएगी और संभवतया इससे पहले उसने कितने फर्जी हस्ताक्षर कर कागजात जारी किए हैं, उसका पता लगाया जाएगा। अन्य कई इस तरह के फर्जी मामलों का खुलासा होने की संभावना है।



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