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बत काच्याश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:1परमगुरुदो तो ऐसी विनम्रता दोकि अंतहीन सहानुभूति की वाणी बोल सकूँऔर यह अतहीन सहानुभूति पाखड न लगे ।वो तो ऐसा कलेजा दोकि अपमान, महत्त्वाकाक्षा और भूखको गांठो में परोडे हुएउन लोगो का माथा सहला सकूँऔर इसका डर न लगेकि कोई हाथ ही काट खाएगादो तो ऐसी निरीहता दोकि दहाड़ते आतंक के बीचफेटेकार कर सच बोल सकूँऔर इसकी चिंता न होकि इस बहुमुखी युद्ध मेंमेरे सच का इस्तेमालकीन अपने पक्ष में करेगा ।यह भी न दोतो इतना ही दोकि बिना मरे चुप रह सकूँ ।(क) कवि कैसे लोगों के प्रति सहानुभूति दिखाने का साहस चाहता है ?(ख) कैसी परिस्थितियों में सच बोलना कठिन होता है ?(ग) बहुमुखी युद्ध से कवि का क्या आशय है ?(घ) सत्य बोलते हुए कवि को किस बात की चिंता नहीं है ?(ङ) भाव समझाइए -यह भी न दो तो इतना ही दोकि बिना मरे चुप रह सकूँ । |
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