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Answer» बिन्द विधि के गण ⦁ मात्रात्मक वितरण मानचित्र बनाने की सभी विधियों में बिन्दु विधि वितरण को सर्वाधिक शुद्ध रूप से प्रस्तुत करती है। ⦁ यह विधि वस्तु की मात्रा और समानता दोनों गुणों को भली-भाँति प्रदर्शित करती है। ⦁ इस विधि में वितरण की तीव्रता बिन्दुओं के सांद्रण से एकदम स्पष्ट हो जाती है। ⦁ बिन्दु मानचित्र का दृष्टिक प्रभाव वितरण के अन्य मानचित्रों से अधिक होता है। ⦁ बिन्दुओं को गिनकर पुनः आँकड़े प्राप्त किए जा सकते हैं। बिन्दु विधि के दोष ⦁ बिन्दु मानचित्रों की रचना कठिन होती है, अत: अभ्यास और कुशलता के बिना इन्हें नहीं लगाया जा सकता। ⦁ यह विधि केवल निरपेक्ष आँकड़ों को प्रदर्शित करती है। ⦁ बिन्दु द्वारा मानचित्र पर घेरा हुआ स्थान वास्तविक क्षेत्रफल से काफी बड़ा होता है। ⦁ प्रयास करने के बावजूद भी कई बिन्दु सही स्थिति पर नहीं लग पाते। ⦁ क्षेत्र के भौगोलिक ज्ञान के बिना गए बिन्दु भ्रामक परिणाम प्रस्तुत करते हैं।
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