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‘बीती ताहि विसार दे आगे की सुधि ले’- यह भाव कविता की किस पंक्ति में झलकता है? |
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Answer» कविता की निम्न पंक्ति में ‘बीती ताहि बिसार दे आगे की सुधि ले’ भाव झलकता है – “जो न मिला भूल उसे कर तू भविष्य वरण।” |
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