|
Answer» बहुलक या भूयिष्ठक का अर्थ एवं परिभाषाएँ किसी भी समंकमाला में जो पद सबसे अधिक बार आता है अथवा जिसकी आवृत्ति सबसे अधिक होती है, वही ‘बहुलक’ कहलाता है। यह ‘सर्वाधिक घनत्व की स्थिति का द्योतक है और इसे प्रायः मूल्यों के ‘अधिकतम संकेन्द्रण का बिन्दु’ भी कहते हैं। काउडेन के शब्दों में-“एक वितरण को बहुलक वह मूल्य है, जिसके निकट श्रेणी की इकाइयाँ अधिक-से-अधिक केन्द्रित होती हैं। उसे मूल्यों की श्रेणी का सबसे अधिक प्रतिरूपी माना जाता है।” जिजेक के अनुसार-“बहुलक वह मूल्य है, जो पदों की श्रेणी अथवा समूह में सबसे अधिक बार आता है तथा जिसके चारों ओर सबसे अधिक घनत्व के पदों का वितरण रहता है।” कैने तथा कीपिंग के अनुसार-“बहुलक वह मूल्य है जो श्रेणी में सबसे अधिक बार आता हो अर्थात् जिसँकी सर्वाधिक आवृत्ति हो।” डॉ० बाउले के अनुसार–‘किसी सांख्यिकीय समूह में वर्गीकृत मात्रा का वह मूल्य, जहाँ पर पंजीकृत संख्याएँ सबसे अधिक हों, ‘बहुलक’ या ‘सबसे अधिक घनत्व का स्थान’ अथवा ‘सबसे महत्त्वपूर्ण मूल्य’ कहलाता है।” बहुलक के गुण ⦁ यह एक सरल एवं लोकप्रिय माध्य है। कुछ दशाओं में यह केवल निरीक्षण द्वारा ही ज्ञात किया जा सकता है। ⦁ इसका मूल्य रेखाचित्र द्वारा भी निर्धारित किया जा सकता है। ⦁ यह वितरण में सर्वाधिक सम्भावित मूल्य होता है। ⦁ गुणात्मक तथ्यों का भी बहुलक ज्ञात किया जा सकता है। ⦁ यह अति सीमान्त पदों से प्रभावित नहीं होता। ⦁ यह श्रेणी के एक महत्त्वपूर्ण भाग का वास्तविक मूल्य होता है। ⦁ यह समूह का सर्वोत्तम प्रतिनिधि होता है। ⦁ प्रतिदर्श के परिवर्तन के साथ बहुलक में परिवर्तन नहीं होता। बहुलक के दोष ⦁ यदि श्रेणी के सभी पदों की आवृत्तियाँ समान हैं तो बहुलक का निर्धारण नहीं किया जा सकता। ⦁ कभी-कभी एक समूह में दो-या-दो से अधिक बहुलक भी हो सकते हैं। ⦁ यदि श्रेणी का वितरण अनियमित है तो इसे शुद्ध रूप में नहीं निकाला जा सकता। ⦁ यह चरम सीमाओं की उपेक्षा करता है जो कि गणितीय दृष्टि से उचित नहीं है। ⦁ सभी पदों पर आधारित न होने के कारण इसका बीजीय विवेचन सम्भव नहीं है। ⦁ यह श्रेणी का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व नहीं करता। ⦁ वर्ग विस्तार में परिवर्तन कर देने पर बहुलक भी बदल जाएगा। बहुलक के उपयोग उपर्युक्त दोषों के बावजूद दैनिक जीवन तथा व्यापारिक क्षेत्र में बहुलक का बहुत अधिक उपयोग किया जाता है। यह शीघ्रता व सरलता से समझ में आ जाता है, इसलिए व्यावसायिक जीवन में इसका प्रयोग दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। व्यापारिक पूर्वानुमानों में यह एक महत्त्वपूर्ण पथ-प्रदर्शक है। उद्योग व प्रशासन के क्षेत्र में इसकी सहायता से औसत उत्पादने ज्ञात किया जाता है तथा विभिन्न विभागों की कार्यक्षमता की तुलना की जाती है। किसी वस्तु के उत्पादन में उसकी लागत का अनुमान बहुलक समय के निर्धारण द्वारा आसानी से लगाया जा सकता है। विभिन्न वस्तुओं की लोकप्रियता का अध्ययन बहुलक द्वारा ही किया जाता हैं मौसम सम्बन्धी पूर्वानुमानों में भी इसी का प्रयोग होता है।
|