Saved Bookmarks
| 1. |
भोर के आकाश के लिए कवि ने ‘राख से लीपा चौका (अभी गीला पड़ा है।’ उपमान का चुनाव क्यों किया है? अपना मत लिखिए। |
|
Answer» ग्रामीण घरों में आग भी रसोईघर को चौका कहा जाता है और उसके फर्श को गोबर और मिट्टी से लीपा जाता है। ताजा पीला हुआ फर्श गीला रहता है। कवि ने इस घरेलू और सुपरिचित बिम्ब में थोड़ा सुधार करके उसे राख से लीपा बताया है। नीले आकाश में भोर के हल्के प्रकाश का मिश्रण उसे राख जैसे रंग वाला बना रहा है। इसी कारण कवि ने उसे राख से लीपा गया चौको कहा है। |
|