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भोर का नभ।राख से लीपा हुआ चौका(अभी गीला पड़ा है।)नयी कविता में कोष्ठक, विराम चिह्नों और पंक्तियों के बीच का स्थान भी कविता को अर्थ देता है। उपर्युक्त पंक्तियों में कोष्ठक से कविता में क्या विशेष अर्थ पैदा हुआ है? समझाइए। |
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Answer» नई कविता में नए-नए प्रयोगों का विशेष महत्त्व है। इसके लिए कविता में कोष्ठक, विराम चिह्नों तथा पंक्तियों के बीच के स्थान को भी विशेष अर्थ प्रकट करने के लिए प्रयोग किया जाता है। इस अंश में कोष्ठक में ‘अभी गीला पड़ा है’ लिखकर कवि ने अपने उपमान को पूर्णता प्रदान की है। उसने आकाश को गीली राख जैसा बताना चाहा है। इससे कवि यह व्यक्त करना चाहता है कि पूर्ण प्रकाश न होने से नीला आकाश अभी कुछ काला–सा लग रहा है तथा उसमें नमी (गीलापन) भी व्याप्त है। इसी प्रकार कविता की पंक्तियों के आकार में बहुत असमानता भी नई कविता की एक विशेषता रही है। कविता की एक पंक्ति में तो केवल एक ही ‘और………….’ शब्द है। |
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