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भीतर भीतर सब रस चूसै।हिँस हिँस कैतन मन धन मसूै। जाहिर बातन मैं अति तेज । क्यों सखि साजन नहिं अँगरेज ।काव्य का संदर्भ सहित भाव स्पष्ट करें |
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Answer» hsgysysushdhsiusueusishxhdhsshehh |
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