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भाव(मूल्य) वृद्धि के क्या प्रभाव पड़ते है ? |
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Answer» मूल्यवृद्धि के निम्नलिखित प्रभाव पड़ते है: 1. मूल्य वृद्धि से लाभ में वृद्धि, आय में वृद्धि, क्रयशक्ति में वृद्धि, चीजवस्तुओं, सेवाओं की मांग बढ़े, वस्तु के भाव में वृद्धि यह विषचक्र सतत चलता रहता है । गरीब और मध्यम वर्ग का जीना दुष्कर बन जाता है । 2. मूल्य वृद्धि से बचत और पूँजी सर्जन की दर में कमी होती है । आवश्यक चीजवस्तुओं का उत्पादन घटता है । नये धंधा-उद्योग रोजगार रूक जाते है । 3. विदेशी पूँजी निवेश घटता है । आयाती वस्तुओं में वृद्धि होने से हंडियामन खर्च होता है जिससे नयी समस्या सर्जित होती है । 4. आवश्यक चीज-वस्तुओं का उत्पादन घटता है, कमी सर्जित होती है । प्रजा का जीवनस्तर प्रभावित होता है, गरीब अधिक गरीब : बनते है। 5. देश में चीजवस्तुओं का उत्पादन खर्च बढ़ने से वे भी महँगी होने से देश के निर्याती वस्तुओं के भाव बढ़ने और मात्रा में आयाती वस्तु बाजार में सस्ती होने के कारण देश के निर्यात में कमी होने और आयात बढ़ने हुंडियामन का संतुलन बिगड़ जाता है । आयात-निर्यात में असंतुलन उत्पन्न होता है । मूल्यवृद्धि से गरीब और मध्यमवर्ग का जीवनस्तर गिरता है । आवश्यकताएँ पूरी करने के लिए चोरी, लूटफाट, हत्या, गुनाहखोरी, देह-व्यापार, सट्टाखोरी, संग्रहखोरी, नफाखोरी, कालाबाजार, भ्रष्टाचार, आत्महत्या जैसी अनैतिक प्रवृत्तियाँ समाज में बढ़ती है । समाज का नैतिक पतन होता है । |
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