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Answer» नागरिकों के मौलिक कर्तव्य भारतीय संविधान निर्माताओं ने संविधान का निर्माण करते समय मौलिक कर्तव्यों को संविधान में सम्मिलित नहीं किया था, परन्तु 42वें संवैधानिक संशोधन द्वारा मौलिक कर्तव्यों को संविधान में सम्मिलित किया गया जिनकी संख्या 10 थी, लेकिन 86वें संविधान संशोधन अधिनियम (2002) द्वारा इसमें एक और बिन्दु जोड़ा गया। अतः अब इनकी संख्या 11 हो गई है ⦁ संविधान, राष्ट्रीय ध्वज तथा राष्ट्रगान का सम्मान करना। ⦁ राष्ट्रीय स्वतन्त्रता आन्दोलन के उद्देश्यों का आदर करना और उनका अनुगमन करना। ⦁ भारत की प्रभुसत्ता, एकता और अखण्डता का समर्थन व सुरक्षा करना। ⦁ देश की रक्षा करना तथा राष्ट्रीय सेवाओं में आवश्यकता के समय भाग लेना। ⦁ भारत में सभी नागरिकों में भ्रातृत्व-भावना विकसित करना। ⦁ प्राचीन सभ्यता व संस्कृति को सुरक्षित रखना। ⦁ वनों, झीलों व जंगली जानवरों की सुरक्षा तथा उनकी उन्नति के लिए प्रयत्न करना। ⦁ वैज्ञानिक तथा मानवतावादी दृष्टिकोण को अपनाना। ⦁ हिंसा को रोकना तथा सार्वजनिक सम्पत्ति की सुरक्षा करना। ⦁ व्यक्तिगत तथा सामूहिक प्रयासों के द्वारा उच्च राष्ट्रीय लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए प्रयत्न करना। ⦁ 6 वर्ष से 14 वर्ष की आयु के बच्चे के माता-पिता को अपने बच्चे को शिक्षा दिलाने के लिए अवसर उपलब्ध कराना।
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